2 responses to “जॉर्ज आर्वेल (भाग-1)”

  1. मुझे आज ही इस वेबसाइट को देखने का सौभाग्य मिला। बड़ी खुशी हुई। कॉलेज के जमाने में हमें ऑरवेल को पढ़ने का मौका मिला और एनिमल फार्म , 1984 दोनों ही किताबों ने मुझे अपना world view develop करने में मदद दी।

Leave a Reply